Categories Posted inin BhajanRam ji ke Bhajan कनक भवन दरवाजे पड़े रहो कनक भवन दरवाजे पड़े रहो कनक भवन दरवाजे पड़े रहो, जहाँ सियारामजी विराजे पड़े रहो। कनक भवन दरवाजे पड़े रहो, जहाँ सियारामजी विराजे पड़े रहो। सुघर सोपान, सो द्वार सुहावे,...