Categories Posted inin Kabir Bhajan बिना चंदा रे बिना भाण बिना चंदा रे, बिना भाण, सूरज बिन होया उजियारा रे परलोका मत जाव, हेली, निरख ले यहीं उनियारो है गूंगो गावे है बेराग, बेहरो रे सुनवा ने लाग्यो है पांगलियो...