Categories Posted inin Kabir Bhajan कोई जानेगा जाननहारा, साधो हरि बिन जग अंधियारा कोई जानेगा जाननहारा, साधो हरि बिन जग अंधियारा। या घट भीतर सोना चांदी, यही में लगा बज़ारा, या घट भीतर हीरा मोती, यही में परखनहारा। या घट भीतर काशी-मथुरा, यही...