Best Hindi Bhajan Lyrics Collection for Spiritual Devotion

समझी लेवो रे मना भाई अंत नी होय कोई आपणा

समझी लेवो रे मना भाई ,
अंत नी होय कोई आपणा ।
समझी लेवो रे मना भाई ,
अंत नी होय कोई आपणा ।

आप निरंजन निरगुणा,
हारे सिरगुण तट ठाढा ,
यही रे माया के फंद में ,
नर आण लुभाणा ,
अंत नी होय कोई आपणा ।

कोट कठिन गड़ चैढ़ना,
दुर है रे पयाला ,
घड़ियाल बाजत घड़ी पहेर का ,
दुर देश को जाणा ,
अंत नी होय कोई आपणा ।

कलू काल का रयणाँ,
कोई से भेद नी कहेणा ,
झिलमील झिलमील देखणा ,
गुरु के शब्द को जपणा ,
अंत नी होय कोई आपणा ।

भवसागर का तीरणा
किस विधी पार उतरणा ,
नाव खड़ी रे केवट नही ,
अटकी रहयो रे निदाना ,
अंत नी होय कोई आपणा ।

माया के भ्रम नही भुलणा,
ठगी जासे दिवाना ,
कहे सिंगाजी पहिचाणजों
दरियाव ठिकाणाँ

अंत नी होय कोई आपणा ।

"अभी सब्सक्राइब करें और भजन के बोल (Lyrics) सीधे अपने मोबाइल पर पाएं!

❤️
0
😀
0
😍
0
😡
0
👍
0
👎
0

More Reading

Post navigation

Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *