Best Hindi Bhajan Lyrics Collection for Spiritual Devotion

पायो जी मैंने राम रतन धन पायो

पायो जी मैंने राम रतन धन पायो,
वस्तु अमोलक दी मेरे सतगुरु, कर किरपा अपनायो।

जन्म-जन्म की पूंजी पाई,
जग में सभी खोवायो।

खरच नाहि खूटे चोर नाहि लूटै,
दिन-दिन बढ़त सवायो।

सत् की नाव खेवटिया सतगुरु,
भवसागर तर आयो।

मीरा के प्रभु गिरधर नागर,
हरख-हरख जस गायो।

पायो जी मैंने राम रतन धन पायो,
वस्तु अमोलक दी मेरे सतगुरु, कर किरपा अपनायो।

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