मैली चादर ओढ़ के कैसे द्वार तुम्हारे आऊँ, हे पावन परमेश्वर मेरे, मन ही मन शरमाऊँ। मैली चादर ओढ़ के कैसे… तूने मुझको जग में भेजा निर्मल देकर काया, आकर...
ओम जय लक्ष्मी रमणा, स्वामी जय लक्ष्मी रमणा। सत्यनारायण स्वामी जन पातक हरणा॥ ओम जय लक्ष्मी रमणा, स्वामी जय लक्ष्मी रमणा।। रत्न जडि़त सिंहासन अद्भुत छवि राजै। नारद करत निराजन...
श्री रामचंद्र जी की आरती आरती कीजै रामचन्द्र जी की। हरि-हरि दुष्टदलन सीतापति जी की॥ पहली आरती पुष्पन की माला। काली नाग नाथ लाये गोपाला॥ दूसरी आरती देवकी नन्दन। भक्त...
श्री दुर्गा जी की आरती मंगल की सेवा सुन मेरी देवा, हाथ जोड़ तेरे द्वार खड़े। पान सुपारी ध्वजा नारियल, ले ज्वाला तेरी भेंट करे॥ सुन जगदम्बा कर न विलम्बा,...