हे प्रभु आनंददाता, ज्ञान हमको दीजिए। शीघ्र सारे दुर्गुणों को दूर हमसे कीजिए। हे प्रभु आनंददाता, ज्ञान हमको दीजिए। लीजिए हमको शरण में, हम सदाचारी बनें, ब्रह्मचारी धर्मरक्षक, वीर व्रतधारी...
घनश्याम तेरी बंसी, पागल कर जाती है, घनश्याम तेरी बंसी, पागल कर जाती है, मुस्कान तेरी मोहन, पागल कर जाती है, घनश्याम तेरी बंसी, पागल कर जाती है, सोने की...
सीताराम, सीताराम, सीताराम कहिये। जाहि विधि रखे, राम ताहि विधि रहिये॥ मुख में हो राम नाम, राम सेवा हाथ में। तू अकेला नाहि प्यारे, राम तेरे साथ में विधि का...
ठुमक चलत रामचंद्र बाजत पैंजनियाँ॥ किलकि किलकि उठत धाय गिरत भूमि लटपटाय। थाय मात गोद लेत दशरथ की रनियाँ॥ पहला अंतरा: अंचल रज अंग झारि, विविध भाँति सो दुलारि। तन...