रामजी की निकली सवारी सर पे मुकुट सजे, मुख पे उजाला, हाथ धनुष, गले में पुष्प माला। हम दश इनके, ये सबके स्वामी, अंजान हम, ये अंतर्यामी। शीश झुकाओ, राम...
पार होगा वही, जिसे पकड़ोगे राम पार होगा वही, जिसे पकड़ोगे राम ॥ “जिसको छोड़ोगे, पलभर में डूब जाएगा” पार होगा वही, जिसे पकड़ोगे राम ॥ तैरना क्या जाने, पत्थर...