गणपति की सेवा मंगल मेवा लिरिक्स गणपति की सेवा मंगल मेवा, सेवा से सब विघ्न टरैं। तीन लोक के सकल देवता, द्वार खड़े नित अर्ज करैं॥ गणपति की सेवा मंगल मेवा...॥ रिद्धि-सिद्धि दक्षिण वाम विराजें, अरु आनन्द सों चमर करैं। धूप-दीप अरू लिए आरती भक्त खड़े जयकार करैं॥ गणपति की सेवा मंगल मेवा...॥ गुड़ के [...]
आरती हो रही रे माई तोरी ध्वजा लाल लहराये लिरिक्स आरती हो रही रे माई तोरी ध्वजा लाल लहराये मैहर वाली मात भवानी शारद सब सुखियन की खानी जगमग ज्योत दिखायी हे मैया तोरी जगमग ज्योत दिखायी आरती हो रही रे माई तोरी ध्वजा लाल लहराये पर्वत ऊपर बनो दिवाला उज्वल नैनो में तेज निराला [...]