Categories Posted inin Bhajan of Krishna छोटी छोटी गैया, छोटे छोटे ग्वाल छोटी छोटी गैया छोटे छोटे ग्वाल छोटो सो मेरो मदन गोपाल आगे आगे गैया पीछे पीछे ग्वाल बीच में मेरो मदन गोपाल छोटी छोटी गैया छोटे छोटे ग्वाल छोटो सो... Continue Reading
Categories Posted inin Bhajan of Krishna अच्चुतम केशवं अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं, राम नारायणं जानकी बल्लभम । कौन कहता हे भगवान आते नहीं, तुम मीरा के जैसे बुलाते नहीं । अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं, राम नारायणं जानकी बल्लभम... Continue Reading
Categories Posted inin Bhajan of Krishna काली कमली वाला मेरा यार है मोहन तू दिलदार है काली कमली वाला मेरा यार है लिरिक्स काली कमली वाला मेरा यार है, मेरे मन का मोहन तूं दिलदार है, तु मेरा यार है, मेरा दिलदार है, मन मोहन मैं... Continue Reading
Categories Posted inin Kabir Bhajan भजन बिन बावरे , तूने हीरा जनम गँवाया भजन बिन बावरे , तूने हीरा जनम गँवाया । कभी न बैठा साधु संग में, कभी न हरि गुण गाया । बहि बहि मरे बैल की नाईं, भोर भयो उठि... Continue Reading
Categories Posted inin Kabir Bhajan मन लागो मेरो यार फकीरी में मन लागो मेरो यार फकीरी में। जो सुख पावो राम भजन में, वो सुख नाहीं अमीरी में। मन लागो मेरो यार फकीरी में। भला बुरा सब का सुन लीजै, कर... Continue Reading
Categories Posted inin Kabir Bhajan मन मस्त हुआ तब क्यों बोले मन मस्त हुआ तब क्यों बोले। हल्की थी जब चढ़ी तराजू, पूरी भई तब क्यों तोले। मन मस्त हुआ तब क्यों बोले। हीरा पायो गांठ गठायो, बार बार वाको क्यों... Continue Reading
Categories Posted inin Kabir Bhajan जीते भी लकड़ी मरते भी लकड़ी देख तमाशा लकड़ी का जीते भी लकड़ी मरते भी लकड़ी, देख तमाशा लकड़ी का, क्या जीवन क्या मरण कबीरा, खेल रचाया लकड़ी का ॥ जिसमे तेरा जनम हुआ, वो पलंग बना था लकड़ी का,... Continue Reading
Categories Posted inin Kabir Bhajan मन ना रंगाए जोगी कपड़ा रंगाए भजन तन को जोगी सब करे, मन को करे ना कोई, सहजे सब सिद्धि पाइए, जो मन जोगी होय । हम तो जोगी मन ही के, तन के हैं ते और,... Continue Reading
Categories Posted inin Kabir Bhajan यहाँ रहना नहीं देस बिराना है भजन लिरिक्स पत्ता कहता तरुवर से, सुनो तरुवर मेरी बात, उस घर की ऐसी रीत है, एक आवक एक जाय। यहाँ रहना नहीं देस बिराना है, बिराना है रे, बेगाना है, यहां... Continue Reading
Categories Posted inin BhajanKabir Bhajan चदरिया झीनी रे झीनी, राम नाम रस भीनी कबीरा जब हम पैदा हुए, जग हँसे हम रोये, ऐसी करनी कर चलो, हम हँसे जग रोये । चदरिया झीनी रे झीनी, राम नाम रस भीनी, चदरीया झीनी रे झीनी... Continue Reading