भारतीय लोकसंगीत जगत में कुछ ऐसे कलाकार होते हैं जो सिर्फ़ सुर और ताल नहीं गढ़ते, बल्कि समाज की गहराइयों में उतरकर लोगों के दिलों की ज़ुबान बन जाते हैं।...
“जहाँ मिट्टी की सोंधी खुशबू और कबीर की वाणी मिल जाए, वहीं कालूराम बामनिया की आवाज़ गूँजती है।” भारत की लोक परंपरा में गायक-कवियों की भूमिका सिर्फ़ मनोरंजन तक सीमित...
भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपरा में संत कबीर का नाम अमर है। उनके दोहे और भजन न केवल समाज को सत्य, ईमानदारी और समानता का मार्ग दिखाते हैं, बल्कि...
भारतीय संत परंपरा में कबीर, तुलसी, सूरदास और गुरुनानक की तरह मीरा बाई का भी विशेष स्थान है। मीरा केवल एक कवयित्री या संत नहीं थीं, बल्कि कृष्ण के प्रति...