कोई जानेगा जाननहारा, साधो हरि बिन जग अंधियारा। या घट भीतर सोना चांदी, यही में लगा बज़ारा, या घट भीतर हीरा मोती, यही में परखनहारा। या घट भीतर काशी-मथुरा, यही...
कुछ लेना न देना मगन रहना। पाँच तत्व का बना पिंजड़ा, जांमै बोले मेरी मैना। गहरी नदिया नाव पुरानी, खेवटिया से मिले रहना। तेरा साईं तेरे मन में बसत है,...