दरबार में सच्चे सदगुरु के. दुःख दर्द मिटाये जाते हैं।
दुनिया के सताये लोग यहाँ, सीने से लगाये जाते हैं ।।
ये महफिल है मस्तानों की, हर शख्स यहाँ पर मतवाला ।
भर भर के जाम इबादत के यहाँ सब को पिलाये जाते हैं।
दरबार में सच्चे…
ऐ जगवालों क्यों डरते हो? इस दर पर शीश झुकाने से।
ऐ नादानों ये वह दर है. सर भेंट चढ़ाये जाते हैं ।।
दरबार में सच्चे…
इलज़ाम लगानेवालों ने, इलजाम लगाए लाख मगर ।
तेरी सौगात समझ करके. हम सिर पे उठाये जाते हैं ।।
दरबार में सच्चे…
जिन प्यारों पर ऐ जगवालों ! हो खास इनायत सत्गुरु की ।
उनको ही संदेशा आता है. और वो ही बुलाये जाते हैं ।।
दरबार में सच्चे…
"अभी सब्सक्राइब करें और भजन के बोल (Lyrics) सीधे अपने मोबाइल पर पाएं!
❤️
0
😀0
😍0
😡0
👍0
👎0

Leave a Comment