सिंगाजी न लियो अवतार अमर आसी करणी , अमर आसी करणी जेख रेवा खिलाव गोद सदा सुख करणी लियो जनम खजुरी धाम धन्य धन्य आसी धरणी धन्य धन्य आसी धरणी...
समझी लेवो रे मना भाई , अंत नी होय कोई आपणा । समझी लेवो रे मना भाई , अंत नी होय कोई आपणा । आप निरंजन निरगुणा, हारे सिरगुण तट...
गुरु सिंगाजी की सजी रे बारात कुटुम सब भेलों हुयों बाबा ओहम सोहम रथ जोतिया, रथ गया हे बेकुंठ धाम, कुटुम सब भेलों हुयों, गुरु सिंगाजी की सजी रे बारात....
महाराज सिंगाजी संत महाराज सिंगाजी संत, ज्ञान की बाजी नौबत महाराज सिंगाजी संत. ब्रह्मगिर को हुआ आचरज, कहो कोन भया रे सामरथ, मनरंग को साकित किया, जेने बता दिया रे...
