Best Hindi Bhajan Lyrics Collection for Spiritual Devotion

आरती श्री रामायण जी की कीरति कलित ललित सिय पी की ॥

आरती श्री रामायण जी की। कीरति कलित ललित सिया-पी की॥
गावत ब्रह्मादिक मुनि नारद। बालमीक विज्ञान विशारद।

शुक सनकादि शेष अरु शारद। बरनि पवनसुत कीरति नीकी॥
गावत वेद पुरान अष्टदस। छओं शास्त्र सब ग्रन्थन को रस॥

मुनि-मन धन सन्तन को सरबस। सार अंश सम्मत सबही की॥
गावत सन्तत शम्भू भवानी। अरु घट सम्भव मुनि विज्ञानी॥

व्यास आदि कविबर्ज बखानी। कागभुषुण्डि गरुड़ के ही की॥
कलिमल हरनि विषय रस फीकी। सुभग सिंगार मुक्ति जुबती की॥

दलन रोग भव मूरि अमी की। तात मात सब विधि तुलसी की॥
आरती श्री रामायण जी की। कीरति कलित ललित सिया-पी की॥

"अभी सब्सक्राइब करें और भजन के बोल (Lyrics) सीधे अपने मोबाइल पर पाएं!

❤️
0
😀
0
😍
0
😡
0
👍
0
👎
0

More Reading

Post navigation

Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *